†
उपर
बिंदु क्रमांक 1 (बी) |
द्रााखा |
सौपा गया दायित्व एवं कर्त्तव्य |
1 |
स्टेनो द्रााखा |
यह द्रााखा कार्यालय प्रमुख संभागीय आयुक्त की गोपनीय द्रााखा है जिसमें आयुक्त द्वारा अति विच्चेद्गा महत्व के कार्य जिनकी प्रकृति गोपनीय तौर की होती है, संपादित कराई जाती है। द्रााखा का कार्य वरिद्गठ द्राीघ्रलेखक द्वारा किया जाता है जिसकी सहायता हेतु अन्य सहायकों को भी पदस्थ किया गया है। गोपनीय कार्य के अतिरिक्त आयुक्त द्वारा अन्य सौपा गया कार्य भी इस द्रााखा द्वारा किया जाता है। |
2 |
रीडर द्रााखा |
इस द्रााखा में अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा विभिन्न अधिनियमों /नियमों के तहत पारित आदेच्चों के विरूद्ध अपील, निगरानी, पुर्नावलोकन, विविध अपील आदि प्रस्तुत की जाती है। द्रााखा का कार्य संपादित करने हेतु एक सहायक वर्ग-2 स्तर के कर्मचारी को प्रवाचक के रूप में कार्य करने के लिये पदस्थ किया जाता है। प्रस्तुत प्रकरणों का निराकरण नियमानुसार किया जाता है। |
3 |
अधीक्षक द्रााखा |
लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के कार्य पर नियंत्रण रखने हेतु अधीक्षक के पद का श्रृजन द्राासन द्वारा किया गया है। अधीक्षक के सहयोग हेतु 5 सहायक अधीक्षकों के पद श्रृजित हैं, जो विभिन्न द्रााखाओं में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत नस्तियों का नियमों के प्रकाच्च में परीक्षण कर अधीक्षक को प्रस्तुत करते हैं। कार्यालय अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत नस्तियों का विधिवत परीक्षण कर प्रभारी अधिकारी को प्रस्तुत की जाती हैं। तदोपरांत प्रभारी अधिकारी द्वारा नस्ती की प्रकृति के अनुसार नियमों के परिप्रेक्ष्य में नस्तियॉं वरिद्गठों को प्रस्तुत की जाती हैं। वरिद्गठ द्वारा दिये गये आदेच्चों के अनुपालन में कार्यवाही की जाती है। |
4 |
स्थापना द्रााखा |
इस द्रााखा में भृत्य, सहायक वर्ग-3 के रिक्त पदों की पूर्ति कार्यालय में सहायक वर्ग-3 एवं संभाग के सहायक अधीक्षक एवं कार्यालय के आडीटरों के पदों की पदोन्नति की कार्यवाही एवं इनकी पदक्रम सूची का संधारण के साथ ही कार्यालय में पदस्थ समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सेवा अभिलेख का संधारण किया जाता है। कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर पेंच्चन प्रकरणों का निर्धारण एवं अन्य स्वत्वों के निराकरण संबंधी कार्य भी इसी द्रााखा द्वारा किया जाता है। |
5 |
राजस्व द्रााखा |
द्रााखा में जिला कार्यालय में संपादित राजस्व, खनिज, भू-अर्जन आदि कार्यों की समीक्षा के संबंध में कार्यवाही करने के अतिरिक्त अधीनस्थ कार्यालयों के कार्य पर नियंत्रण हेतु समय-समय पर जिला, अनुभाग एवं तहसील स्तर के कार्यालयों का निरीक्षण कर उनके कार्यों की समीक्षा एवं सुधार हेतु समझाईच्च दी जाती है। राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत संभागीय आयुक्त को सौपे गये अधिकारों के अंतर्गत कार्यवाही करने तथा इस स्तर से द्राासन को प्रस्ताव भेजने का कार्य भी इस द्रााखा द्वारा किया जाता है। भू-अर्जन अवार्ड संबंधी प्रस्ताव के अनुमोदन की कार्यवाही इसी द्रााखा में की जाती है। समय-समय पर मासिक/ त्रैमासिक बैठकें कलेक्टर कांफें्रस के रूप में आयोजित कर कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा कर आवच्च्यक निर्देच्च दिये जाते हैं। |
6 |
लेखा द्रााखा |
विभिन्न द्राीद्गर्ाो के तहत प्राप्त आवंटनों पर नियंत्रण रखना एवं भुगतान की कार्यवाही की जाना । कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों के वेतन-भत्तों का भुगतान एवं सामान्य भविद्गय निधि / विभागीय भविद्गयनिधि के लेखों का संधारण करने के साथ ही कर्मचारियों को सामान्य भविद्गयनिधि के भुगतान स्वीकृतियॉं, यात्रा देयक, चिकित्सा देयक, नेमित्तिक देयकों का भुगतान करने के साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान इस द्रााखा द्वारा किया जाता है। जिला/ तहसील कार्यालयों में गबन हानि के प्रकरण प्रकाच्च में आने पर उनमें प्रभावी कार्यवाही द्रााखा द्वारा की जाती है। |
7 |
जनरल द्रााखा |
द्राासकीय आवासों के आवंटन संबंधी कार्य एवं उसके मरम्मत आदि का कार्य एवं इस हेतु प्राप्त आवंटन का लेखा जोखा रखने का कार्य करने के अतिरिक्त जो कार्य अन्य द्रााखाओं में संपादित नहीं किया जाता है जिनकी प्रकृति सामान्य श्रेणी की है वह कार्य भी कार्यालय प्रमुख के आदेच्चानुसार इस द्रााखा द्वारा संपादित किया जाता है। विभागीय परीक्षा, लोक सेवा आयोग एवं कर्मचारी चयन आयोग द्वारा समय-समय पर आयोजित कराई जाने वाली परीक्षाओं के संचालन संबंधी कार्य किया जाता है। च्चस्त्र लायसेंस संबंधी कार्य एवं लोकसभा, विधानसभा, नगर पालिका एवं पंचायत निर्वाचन संबंधी कार्य भी इस द्रााखा में संपादित किया जाता है। |
8 |
आडिट द्रााखा |
द्रााखा द्वारा एक रोस्टर तैयार किया जाकर नियत समयावधि में संभाग के कलेक्टर, तहसील कार्यालयों के लेखा-जोखा संधारण का अंकेक्षण का कार्य संपादन किया जाता है। अंकेक्षण के दौरान पाई गई कमियों की पूर्ति यथा समय कराई जाती है। अनियमितता पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाती है। |
9 |
विकास द्रााखा |
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के पर्यवेक्षण तथा निरीक्षण का कार्य किया जाता है जिस हेतु वाद्गर्िाक रोस्टर तैयार कर आयुक्त, अपर आयुक्त एवं उप आयुक्त, विकास द्वारा जिला/ जनपद कार्यालयों का निरीक्षण किया जाकर द्राासन निर्देच्चानुसार कार्यवाही करने की हिदायत दी जाती है। समय-समय पर मासिक एवं त्रेमासिक बैठकें आयोजित कर जिला एवं संभागीय अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा भी की जाती है। द्रााखा में इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के (राजस्व को छोड़कर) वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जांच संचालित कर लघुच्चास्ति से दंडित करने की कार्यवाही भी प्रचलित करने के साथ ही कलेक्टर एवं मुखय कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के दण्डादेच्च के विरूद्ध अपील/ पुर्नावलोकन आवेदनों की सुनवाई भी की जाती है। द्रााखा में वरिद्गठ अधिकारियों द्वारा सौपा गया सामान्य प्रगति का कार्य भी संपादित किया जाता है। |
10 |
स्टेच्च्नरी |
कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों/ कर्मचारियों के उपयोग में आने वाली समस्त स्टेच्च्नरी का क्रय इस द्रााखा द्वारा किया जाकर पंजी में संधारित कर मांग अनुसार संबंधितों को वितरण करने की कार्यवाही की जाती है। कार्यालय में उपयोग आने वाले विभिन्न अधिनियमों/नियमों / गजट आदि का रख-रखाव पुस्तकालय के रूप में किया जाता है। आवच्च्यकतानुसार संबंधितों को पुस्तकों का प्रदाय पंजी में इंद्राज कर किया जाता है। |
11 |
आवक-जावक |
राज्य, जिला एवं तहसील स्तर के कार्यालयों से प्राप्त होने वाली एवं बाहर भेजे जाने वाले पत्रों का इंद्राज इन पंजियों में किया जाता है। इस हेतु स्टाम्प पंजी का भी संधारण किया गया है जिसमें प्रतिदिन का स्टाम्प का लेखा-जोखा का इंद्राज किया जाता है। अति महत्वपूर्ण किस्म के पत्रों जैसे अर्द्ध द्राासकीय पत्र, माननीय मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों के इंद्राज हेतु प्ृाथक पंजी का संधारण किया गया है। |
12 |
माफी |
म.प्र.द्राासन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अधीनस्थ आने वाले संभाग में स्थित सभी मंदिरों/ मस्जिदों आदि तथा वृन्दावन (उत्तरप्रदेच्च) में स्थित देवस्थानों के रख-रखाव तथा पूर्व से उपलब्ध तथा वर्तमान में निर्मित किये जाने वाली विभिन्न पंजियों / दस्तावेजों की सुरक्षा आदि का कार्य किया जाता है। इस हेतु वृन्दावन तथा म.प्र. में स्थित देवस्थानों हेतु प्रबंधक की भी नियुक्ति कीगई है, जो समय-समय पर उनकी देखरेख कर प्रतिवेदन माफी ऑफीसर को प्रस्तुत करता है, तदनुसार आगामी कार्यवाही कार्यालय स्तर से की जाती है। देवस्थानी भूमियों के विवाद के निराकरण आदि की न्यायालयीन कार्यवाही की देखरेख भी इस द्रााखा द्वारा की जाती है। |
13 |
अभिलेखागार |
कार्यालय की विभिन्न द्रााखाओं में संधारित नस्तियॉं जिनमें कोई कार्यवाही की जाना अवच्चेद्गा नहीं रहती है, उनको निच्च्चित समयावधि हेतु रिकार्ड द्राखा में जमा कराया जाता है। स्थाई प्रकृति के दस्तावेज जैसे सेवा-अभिलेख, व्हाउचर आदि स्थाई रूप से रखे जाते हैं। अस्थाई अभिलेख निच्च्चित समयावधि के पच्च्चात समाप्त कर अनुपयोगी कागजों को नीलामी द्वारा विक्रय कर दिया जाता है। |
14 |
च्चिकायत द्रााखा |
जन च्चिकायत निवारण विभाग/ जनता से प्राप्त च्चिकायतों का निराकरण कराने का कार्य इस द्रााखा द्वारा किया जाता है । प्राप्त च्चिकायतों का इंद्राज संबंधित पंजी में किया जाकर स्थिति अनुसार जांच/ प्रतिवेदन की कार्यवाही की जाकर निर्णय से संबंधितों को अवगत कराया जाता है। जन च्चिकायत निवारण विभाग से प्राप्त च्चिकायतों का इंद्राज कम्प्यूटर में किया जाकर तत्संबंध में की गई अंतरिम / अंतिम कार्यवाही की प्रविद्गिट की जाती है। इस संबंध में प्रतिवेदन नियमित रूप से प्रतिमाह द्राासन को भेजा जाता है। माह के प्रथम मंगलवार को तत्संबंध में राज्य द्राासन स्तर पर ली जाने वाली समीक्षा बैठक में प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है। |
15 |
टाईप/कम्प्यूटर |
द्राासकीय कार्य टंकण करने हेतु कम्प्यूटर एवं टाईप मच्चीनों की समुचित व्यवस्था की गई है। |
उपरोक्त सभी द्रााखाओं का कार्य सुचारू रूप से संपादन करने की दृद्गिट से प्रत्येक द्रााखा को एक प्रभारी अधिकारी के अधीन रखा गया है। तत्संबंधी कार्य विभाजन आदेच्च आवच्च्यकतानुसार समय-समय पर जारी किये जाते हैं।
बिंदु क्रमांक 2
पदस्थ अधिकारियों के नाम, पदनाम, कर्त्तव्य तथा परिलब्धियॉं
क्र. |
अधिकारी का नाम |
पदनाम |
कर्त्तव्य |
परिलब्धियॉं(वेतनभत्ते) |
1 |
श्री एस.बी.सिंह, आई.ए.एस. |
आयुक्त |
कार्यालय प्रमुख के रूप में राज्य द्राासन द्वारा सौपे गये दायित्व |
रू. 96580.00 |
2 |
श्री एस.पी.एस.सलूजा, आई.ए.एस. |
अपर आयुक्त |
आयुक्त द्वारा विभिन्न अधिनियमों के तहत सौपे गये दायित्व एवं अन्य कार्य |
रू. 90236.00 |
3 |
श्री आर.एन.गुप्ता |
उपायुक्त,(राजस्व) |
आयुक्त द्वारा सौपा गया कार्य |
रू. 50799.00 |
4 |
श्री आर.एस.भारती |
उपायुक्त, (विकास) |
आयुक्त द्वारा सौपा गया कार्य |
रू. 28307.00 |
5 |
- |
माफी ऑफीसर |
आयुक्त द्वारा सौपा गया कार्य |
|
बिंदु क्रमांक 3
कार्यालय में अपनाई जाने वाली निर्णय प्रक्रिया (धारा 4.1(बी)3 के अंतर्गत
राज्य द्राासन, अधीनस्थ कार्यालयों/आम जनता से प्राप्त पत्र/ आवेदन-पत्रों का इंद्राज सर्वप्रथम निर्धारित प्रपत्र में संधारित आवक पंजी में किया जाता है, जिसका वितरण संबंधित द्रााखा सहायक को किया जाकर निम्नानुसार प्रदर्च्चित ग्राफ अनुसार क्रमबद्ध रूप से कार्यालय प्रमुख स्तर तक प्रस्तुत कर किया जाता है।
अ. प्रच्चासनिक संबंधी कार्य ब. न्यायालयीन संबंधी कार्य
![]()
आवक पंजी में इद्राज अधीक्षक को प्रस्तुतीकरण
![]()
द्रााखा सहायक प्रवाचक
सहायक अधीक्षक आयुक्त/अपर आयुक्त
अधीक्षक
प्रभारी अधिकारी
अपर आयुक्त
बिंदु क्रमांक 4
कार्यालय द्वारा समयसीमा में कार्य निपटाने, गुणवत्ता तथा मात्रा संबंधी मापदण्ड (धारा 4.1 (बी)(4)
इस कार्यालय द्वारा प्रच्चासनिक स्तर का कार्य किया जाता है जिस हेतु अधीनस्थ जिला कार्यालय/संभागीय कार्यालयों पर नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण का कार्य प्रमुख रूप से किया जाता है, जिस हेतु कोई समयसीमा निर्धारित नहीं है। कानून व्यवस्था विकास कार्यों की गुणवत्ता आदि हेतु समय-समय पर बैठकें आयोजित कर उनके कार्य की समीक्षा की जाती है। कार्य उत्तम गुणवत्ता तथा मात्रा का हो इसका विच्चेद्गा प्रयास किया जाता है। जिन कार्यों के निराकरण हेतु राज्य द्राासन/ वरिद्गठ कार्यालय /न्यायालय द्वारा समयसीमा निर्धारित की जाती है, उनका निराकरण समयसीमा में कराया जाता है। कार्यालयीन प्रक्रिया उत्तम एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो तथा आम जनता को इससे पूर्ण सुविधा प्राप्त हो इस हेतु समय-समय पर निर्देच्च जारी किये जाकर उनका कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिच्च्चित किया जाता है।
बिंदु क्रमांक 5
उपयोग होने वाले तथा उपलब्ध अधिनियम, नियम, रेग्यूलेच्चन, मेन्युअल (धारा 4.1 (बी)(5)
कार्यालय में उपयोग होने वाले एवं उपलब्ध अधिनियमों /नियमों आदि की स्थिति दर्च्चाने वाली जानकारी परिच्चिद्गट 'अ' पर संलग्न है।
बिंदु क्रमांक 6
कार्यालय में उपलब्ध विभिन्न अभिलेख तथा उनका वर्गीकरण (धारा 4.1 (बी)(6)
क्र. |
अभिलेख का नाम |
अभिलेख का प्रकार |
अभिलेख की प्रकृति एवं विद्गाय सूची |
अवधि |
1 |
न्यायालयीन प्रकरण |
न्यायालयीन प्रकरण |
स्थाई अभिलेख |
20 वर्द्गा |
2 |
कार्यालयीन प्रकरण |
कार्यालयीन प्रकरण |
अस्थाई अभिलेख |
1 वर्द्गा से 12 वर्द्गा |
टीप- रिकार्ड द्रााखा में जो भी प्रकरण जमा होते हैं उन पर विनिद्गिटकरण दिनांक अंकित किया जाता है। समयावधि पूर्ण होने पर उन्हें उपायुक्त (राजस्व) अधीक्षक एवं द्रााखा के सहायक अधीक्षक से स्वीकृति प्राप्त कर विनिद्गिटकरण की कार्यवाही प्रतिमाह की जाती है।
बिंदु क्रमांक 7
परामर्च्चदात्री समितियों की संरचना (धारा 4.1 (बी)(7)
इस कार्यालय में उपरोक्त संबंधी कोई समिति गठित नहीं है।
बिंदु क्रमांक 8
बोर्ड/परिद्गाद /समितियों का गठन (धारा 4.1 (बी)(8
संभागीय आयुक्त अध्यक्षता में औकाफ एवं वक्फ बोर्ड का गठन किया गया है अन्य सदस्यों के अलावा आयुक्त उज्जैन संभाग भी इसके सदस्य हैं तथा माफी एवं औकाफ ऑफीसर इसके सदस्य सचिव हैं। बोर्ड की बैठकें द्राासन नियमों एवं निर्देच्चों के अनुरूप समय-समय पर की जाती हैं। बैठक में लिये गये निर्णयों का क्रियान्वयन समयसीमा में कराया जाकर उसकी समीक्षा आगामी बोर्ड की बैठक में की जाती है।
बिंदु क्रमांक 9-10
अधिकारियों/ कर्मचारियों के नाम, पदनाम एवं परिलब्धियों की जानकारी ( सूची संलग्न)
उपरोक्त स्थिति दर्च्चाने हेतु परिच्चिद्गट 'ब' एवं 'स' संलग्न है।
बिंदु क्रमांक 11
बजट एवं आवंटन तथा उपयोग की जानकारी (धारा 4.1 (बी)(11)
बजट एवं आवंटन तथा उपयोग की जानकारी परिच्चिद्गट 'द' अनुसार है।
बिंदु क्रमांक 12
संचालित कार्यक्रमों एवं हितग्राहियों की संखया (धारा 4.1 (बी)(12)
इस कार्यालय द्वारा कोई भी योजना/ कार्यक्रम का संचालन नहीं किया जाता है।
बिंदु क्रमांक 13
हितग्राहियों की सूची तथा प्रदत्त सुविधायें (धारा 4.1 (बी)(13)
बिंदु क्रमांक 12 से संबंधित कार्यवाही इस कार्यालय द्वारा संपादित न किये जाने से हितग्राहियों की सूची एवं सुविधायें दिये जाने का प्रच्च्न उत्पन्न नहीं होता है।
बिंदु क्रमांक 14
कार्यालय में उपलब्ध जानकारियों की सूची/ श्रेणी तथा उसकी प्रकृति (हार्ड कॉपी, इलेक्ट्रोनिक फार्म)(धारा 4.1 (बी)(14)
इस प्रकार की कोई जानकारी कार्यालय में नहीं है।
बिंदु क्रमांक 15
आम नागरिक को सूचना उपलब्ध कराने हेतु पुस्तकालय/ पब्लिक काउन्टर आदि की व्यवस्था (धारा 4.1 (बी)(15)
संभागीय प्रच्चासनिक कार्यालय होने से आम नागरिकों से सीधा संबंध नहीं है। आम जनता द्वारा प्राप्त च्चिकायत के निराकरण हेतु जन च्चिकायत निवारण प्रकोद्गठ की स्थापना की गई है जिसके प्रभारी अधिकारी उपायुक्त राजस्व हैं। प्राप्त च्चिकायतों का इंद्राज निर्धारित पंजी में किया जा रहा है।
बिंदु क्रमांक 16
लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति (धारा 4.1 (बी)(16)
प्रथम अपीलीय अधिकारी के रूप में संभागीय आयुक्त को नियमों में अधिकृत किया गया है। द्राासन निर्देच्चानुसार उपायुक्त राजस्व को लोक सूचना अधिकारी तथा कार्यालय अधीक्षक को सहायक लोक सूचना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है तथा तत्संबंधी नियमों/च्चासन निर्देच्चानुसार कार्यवाही की जाने की पावंदी रखी जावेगी।
बिंदु क्रमांक 17
संभागीय कार्यालय होने के नाते विभिन्न योजनाओं/ कार्यक्रमों का क्रियान्वयन इस कार्यालय से नहीं किया जाता है। आम नागरिकों की सुविधा एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयुक्त द्वारा कार्यालयीन समय में समय 1:00 बजे से 2:00 बजे तक आम जनता से भेंट हेतु समय निर्धारित किया गया है। उक्त अवधि में पीड़ित व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत समस्याओं को समक्ष में सुना जाकर संबधित अधिकारियों की ओर समयसीमा निर्धारित कर निराकरण कराया जाना सुनिच्च्चित किया जाता है। विच्चेद्गा परिस्थिति में निर्धारित समय के अलावा भी भेंट करने की सुविधा दी जाती है।
ोक्त सभी द्रााखाओं का कार्य सुचारू रूप से संपादन करने की दृद्गिट से प्रत्येक द्रााखा को एक प्रभारी अधिकारी के अधीन रखा गया है। तत्संबंधी कार्य विभाजन आदेच्च आवच्च्यकतानुसार समय-समय पर जारी किये जाते हैं।
त्संबंधी नियमों/च्चासन निर्देच्चानुसार कार्यवाही की जाने की पावंदी रखी जावेगी।
बिंदु क्रमांक 17